उत्तराखंड: उत्तराखंड में हो रही भीषण बारिश और भूस्खलन के चलते ऋषिकेश –यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा गिरने से हुई घटनाएं । जिस कारण ना केवल चारधाम यात्रा पर असर पड़ा है, बल्कि करीब 150–200 तीर्थयात्री बीते तीन दिनों से फंसे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, फंसे हुए तीर्थयात्रियों में अधिकतर श्रद्धालु महाराष्ट्र के है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यमुनोत्री मार्ग पर फंसे सभी यात्री सुरक्षित हैं और प्रशासन द्वारा उन्हें खाद्य सामग्री, पानी और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मलबा हटाने का कार्य जारी
राहत एवं बचाव कार्य के तहत जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, और लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। सिलाई बैंड, ओजरी, ब्रह्मखाल और माहड़गांव के पास मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और वहां मलबा हटाने वाली मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि मौसम की खराबी के कारण कार्य में रुकावटें आ रही हैं।

चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक
मलबा गिरने के कारण यमुनोत्री यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक तीर्थयात्रा की योजना न बनाएं और स्थानीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, देहरादून सहित कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है, जिससे भूस्खलन की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।