रुद्रपुर : Central Board of Secondary Education (सीबीएसई) ने मूल्यांकन प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अब पूरी तरह ऑनस्क्रीन करने का निर्णय लिया है। पारंपरिक कॉपी जांच प्रणाली को समाप्त कर डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन की नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
बोर्ड के इस निर्णय को शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध होने की उम्मीद है।
विद्यालयों को दिए गए निर्देश
सीबीएसई ने इस नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सभी संबद्ध विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षकों को ऑनस्क्रीन मूल्यांकन प्रक्रिया का पूर्व अभ्यास कराएं।
इसके लिए ऑनस्क्रीन मार्किंग पोर्टल पर विशेष अभ्यास मॉड्यूल सक्रिय कर दिया गया है, ताकि शिक्षक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में दक्ष हो सकें।
डिजिटल प्रणाली से होंगे कई लाभ
नई ऑनस्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित स्कैनिंग की जाएगी।, कॉपियों का व्यवस्थित डिजिटल आवंटन होगा। मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी।मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी और परिणाम अधिक सटीक और समय पर घोषित किए जा सकेंगे।
शिक्षकों का मानना है कि प्रारंभिक प्रशिक्षण से नई प्रणाली को समझना और अपनाना आसान होगा।
पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान
सीबीएसई समन्वयक भावना भनोट के अनुसार, ऑनस्क्रीन मूल्यांकन से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और कागज के उपयोग में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
बोर्ड ने सभी विद्यालयों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दे दी है और जल्द ही इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।