पिथौरागढ़ | धारचूला और मुनस्यारी विकासखंडों में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की गई। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के सहयोग से देव भूमि पहाड़ समिति द्वारा 16 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।

आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूकंप, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति स्थानीय समुदायों की तैयारी और क्षमता का विकास करना रहा। कार्यशाला में आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव से जुड़ी वैज्ञानिक और व्यवहारिक जानकारी दी गई, ताकि आपदा के समय स्थानीय स्तर पर ही प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ संबंधित ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों (VPDO) द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद विधिवत रूप से प्रशिक्षण सत्रों की शुरुआत हुई।
50 से अधिक लोगों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में कुल 50 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जबकि लगभग 15 अन्य स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
मास्टर ट्रेनर कुलदीप सिंह ने भूकंप, बाढ़ और भूस्खलन से बचाव के उपायों तथा आपदा के समय अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।

मॉक ड्रिल और व्यावहारिक प्रशिक्षण
विपुल पंवार (चीफ इंस्ट्रक्टर) द्वारा मॉक ड्रिल के माध्यम से खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन प्रतिक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार और रेस्क्यू से जुड़े आवश्यक उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी गई।
ग्राम प्रधानों ने जताई सराहना
प्रशिक्षण के दौरान दीपा देवी ने सुझाव दिया कि इस तरह के कार्यक्रम ग्राम पंचायत स्तर के साथ-साथ विद्यालयों में भी आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को भी आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण मिल सके।
धारचूला के ग्राम प्रधान मनोज सिंह ने कहा कि सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण इस तरह के प्रशिक्षण यहां के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
वहीं मुनस्यारी के ग्राम प्रधान रजत सिंह ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते हुए देव भूमि पहाड़ समिति के मास्टर ट्रेनरों के अनुभव की सराहना की और पूरे जनपद में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। उन्होंने विद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में भी आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में देव भूमि पहाड़ समिति से दयाल सिंह रावत, वीरेन्द्र सिंह, अंकुर सिंह विष्ट सहित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी केएम मीनाक्षी भट्ट, नारायण सिंह, नरेन्द्र सिंह, कमल सिंह और प्रेम सिंह, ग्राम प्रधान एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।