चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं पर ब्रेक: उड़ानों में 30% कटौती, बुकिंग होगी मुश्किल

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चारधाम यात्रा हेली सेवा| उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा के दौरान इस बार हेलीकॉप्टर सेवाओं में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की नई गाइडलाइन के तहत हेली सेवाओं में करीब 30 प्रतिशत तक कटौती की गई है, जिससे यात्रियों को हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए पहले की तुलना में अधिक मशक्कत करनी पड़ सकती है।

सहस्रधारा से उड़ानों की संख्या घटी

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि डीजीसीए के निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा के दौरान सहस्रधारा हेलीपैड से संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या कम की गई है।
पहले जहां प्रतिदिन करीब 65 उड़ानें संचालित होती थीं, वहीं अब इन्हें घटाकर 40 कर दिया गया है।

केदार घाटी में शटल सेवाओं पर भी असर

केदार घाटी में संचालित शटल हेली सेवाओं में भी 30 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।

किराए की नई दरें जल्द

आशीष चौहान ने बताया कि इस बार हेलीकॉप्टर सेवाओं में कुछ अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी गई हैं, हालांकि किराए को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया जाएगा। हेली सेवाओं के किराए की नई दरें यात्रा शुरू होने से पहले जारी की जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा के लिए जल्द ही हेलीकॉप्टर सेवाओं की निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।

बीते वर्ष हादसों के बाद सख्ती

गौरतलब है कि बीते वर्ष मई-जून 2025 में चारधाम यात्रा के दौरान हुई कई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के बाद डीजीसीए ने हेली सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। इन हादसों में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।

डीजीसीए की जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, खराब मौसम में उड़ान, पायलटों की अयोग्यता और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की कमी जैसे गंभीर उल्लंघन सामने आए थे। इसी के बाद इस वर्ष सख्त गाइडलाइन लागू की गई हैं।

यात्रियों को सलाह

प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे हेली सेवाओं को लेकर समय से योजना बनाएं और आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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