हल्द्वानी: शहर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के जरिए अब सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि शराब, सिगरेट और गुटखा भी घर तक पहुंचाया जा रहा है। नियमों के खिलाफ चल रही इस अवैध होम डिलीवरी में डिलीवरी बॉय मोटी रकम वसूल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि स्कूली बच्चे, महिलाएं और वे लोग भी इनसे नशे का सामान मंगवा रहे हैं, जो ठेके पर जाने से कतराते हैं।
पड़ताल में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पड़ताल के दौरान शहीद पार्क के पास एक निजी स्कूल के बाहर से एक ऑनलाइन फूड ऐप पर मोमो ऑर्डर किए गए। खाने के ऑर्डर के बाद डिलीवरी बॉय से संपर्क कर शराब, सिगरेट और पान मसाला मंगाने को कहा गया। डिलीवरी बॉय ने अपना अलग नंबर देकर ऑनलाइन पेमेंट मंगवाया और कुछ ही देर में खाने के साथ शराब व अन्य नशे का सामान भी पहुंचा दिया। इसके बदले तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूले गए।
देर रात भी बेखौफ पहुंच रही शराब
एक अन्य मामले में गार्लिक ब्रेड ऑर्डर करने के बाद रात करीब 12 बजे डिलीवरी बॉय से संपर्क किया गया। पहले उसने मना किया, लेकिन बाद में दूसरा नंबर देकर क्यूआर कोड भेजा और तय रकम मंगवाई। भुगतान के बाद वह खाने के साथ देसी शराब का टेट्रा पैक लेकर पहुंच गया। सौ रुपये के पव्वे के बदले 200 रुपये वसूले गए।
स्कूल-कॉलेज के पास डिलीवरी बेहद चिंताजनक
शराब बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद स्कूल और कॉलेजों के आसपास भी शराब की डिलीवरी की जा रही है। बताया जा रहा है कि छात्र-छात्राएं और युवक-युवतियां आसानी से डिलीवरी बॉय से शराब और सिगरेट मंगा लेते हैं। यह स्थिति कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
डिलीवरी बॉय का खुलासा
गुरुवार रात डिलीवरी देने आए एक युवक ने बताया,
“सबसे ज्यादा ऑर्डर रात में आते हैं। किटी पार्टी वाली महिलाएं भी बोतल मंगाती हैं। कई युवतियां ठेके पर जाने से डरती हैं, इसलिए हमसे मंगवाती हैं। कुछ ग्राहक तो सीधे फोन कर लेते हैं।
प्रशासन की नजरें अब भी दूर
ऑनलाइन ऐप की आड़ में चल रही इस अवैध शराब सप्लाई पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बढ़ते नशे के नेटवर्क पर लगाम लगाएगा या यह कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा।