देहरादून : देहरादून में एमबीए छात्र एंजेल चकमा की मौत के मामले में उत्तराखंड सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को 4.12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यह राशि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जारी की गई है। आधिकारिक बयान के अनुसार, दिवंगत छात्र के पिता तरुण प्रसाद चकमा को यह सहायता पहली किश्त के रूप में भेजी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बातचीत कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और आरोपियों को सख्त सजा दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शिक्षा का केंद्र रहा है, जहां देश-विदेश से छात्र पढ़ने आते हैं और इस तरह की घटना राज्य की छवि को ठेस पहुंचाने वाली है। सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शेगी नहीं।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, एंजेल चकमा की मौत कॉलेज कैंटीन में हुए हमले के बाद इलाज के दौरान हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रीढ़ की हड्डी और सिर में गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया है। मामले में छह आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी नेपाल भागने की आशंका के चलते फरार है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा से बातचीत की है। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और आगे भी हरसंभव सहायता दी जाएगी।
इस घटना के बाद देश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर सहित कई नेताओं ने इसे नफरत और नस्लीय सोच का परिणाम बताया है। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि ऐसी मानसिकता के खिलाफ समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में तीन मणिपुर के निवासी हैं, जबकि दो आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। यह मामला देहरादून क्राइम न्यूज, एंजेल चकमा मर्डर केस, उत्तराखंड स्टूडेंट सेफ्टी और एससी-एसटी एक्ट जैसे अहम मुद्दों को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में ले आया है।