देहरादून: देहरादून में आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) टियर-1 परीक्षा में मंगलवार को हाई-टेक नकल का मामला सामने आया। एमकेपी इंटर कॉलेज परिसर स्थित महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र में एक अभ्यर्थी को कान में छिपी माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हुआ पूरा मामला?
सुबह 8:30 बजे अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू हुई।आरोपी दीपक भी भीतर गया और कुछ देर बाद ड्यूटी कर्मचारी से संपर्क किया।कर्मचारी ने उसे ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराई।दोबारा चेकिंग में अभ्यर्थी की धोखाधड़ी पकड़ी गई।तुरंत पुलिस को सूचना देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
कान में छिपी डिवाइस, अंदर का कर्मचारी शामिल
अपर पुलिस अधीक्षक सिटी कुश मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान दीपक पुत्र विजेंद्र, निवासी सांपला, रोहतक (हरियाणा) के रूप में हुई है।
परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद दीपक वॉशरूम के बहाने बाहर निकला। लौटते समय चेकिंग में उसके कान में छिपी माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस मिल गई।
जांच में यह खुलासा हुआ कि डिवाइस उसे परीक्षा केंद्र के अंदर ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी लकी सिंह ने उपलब्ध कराई थी। बाहर बैठा उसका साथी जैश ब्लूटूथ के जरिए प्रश्न देखकर उत्तर बताने वाला था।
पुलिस ने दीपक के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम–2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। लकी सिंह और जैश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भेज दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
परीक्षा केंद्र के अंदर ही हाई-टेक नकल की डिवाइस मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि यह किसी संगठित नकल गिरोह का हिस्सा हो सकता है और इसमें केंद्र के अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
राज्य में पहले से ही पेपर लीक मामले की CBI जांच चल रही है, ऐसे में यह घटना परीक्षा सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
केंद्र पर पुलिस मौजूद नहीं थी
एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि इस परीक्षा में स्थानीय पुलिस की तैनाती नहीं की गई थी, सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल परीक्षा एजेंसी और केंद्र प्रशासन की थी। घटना के बाद प्रदेशभर के सभी एसएससी परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है
घटना के बाद अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की दोबारा समीक्षा करने की जरूरत बताई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।