उत्तराखंड में 250 से भी ज्यादा मदरसों पर लगा ताला, सिर्फ एक शर्त पर चल सकेंगे मदरसे

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीजीआईसी सभागार में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब राज्य में केवल सरकारी पाठ्यक्रम पढ़ाने वाले मदरसे ही संचालित रहेंगे।

सीएम धामी ने हाल ही में यह ऐलान किया था कि उत्तराखंड ने मदरसा बोर्ड खत्म किया जाएगा और इनकी नई मान्यताएं उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से पंजीकृत की जाएगी। जिसके चलते सरकार ने प्रदेश में अवैध रूप से चल रहे 250 मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की है।

बुधवार को हुई जीजीआईसी सभागार में सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। जो संस्थान इस प्रक्रिया का पालन नहीं करेंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

5000 से अधिक अवैध मजारे भी हटाई गईं

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अवैध धार्मिक स्थलों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 5000 से अधिक अवैध मजारे हटाई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

लव, थूक और लैंड जिहाद पर सख्त रुख

सीएम धामी ने बीजेपी कार्यकताओं को संबोधित करते हुए कहा कि “उत्तराखंड में लव जिहाद, थूक जिहाद और लैंड जिहाद जैसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ सालों में प्रदेश की जनसंख्या और डेमोग्राफी में जो परिवर्तन हुए हैं, वे चिंताजनक हैं। हमारी सरकार उत्तराखंड की अस्मिता और शांति की रक्षा के लिए हर कदम उठा रही है।

नौ हजार एकड़ सरकारी भूमि मुक्त कराई गई

सीएम धामी ने आगे कहा कि प्रदेश में चल रहे फर्जीवाड़ों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने फर्जी राशन कार्डों को निरस्त किया है,और लैंड जिहाद के तहत कब्जाई गई करीब 9000 एकड़ सरकारी जमीन को मुक्त कराया है।

सख्त निगरानी और पंजीकरण की नई व्यवस्था

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे से सभी मदरसे नियमित निगरानी और सरकारी मान्यता प्रक्रिया के अधीन रहेंगे। केवल वही संस्थान चल सकेंगे जो सरकारी पाठ्यक्रमों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करेंगे और सभी नियमों का पालन करेंगे।

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