देहरादून के 22 PHC जल्द आयुष्मान योजना से जुड़ेंगे, ग्रामीण इलाकों के कार्डधारकों को मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज

देहरादून। जिले के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले आयुष्मान कार्डधारकों के लिए राहत की खबर है। जल्द ही चकराता, कालसी, सहसपुर, डोईवाला, रायपुर और विकासनगर ब्लॉक के 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाएगा। शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय की सख्ती के बाद सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों और प्रभारियों को पांच दिन के भीतर इम्पैनलमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

 

अभी आयुष्मान योजना से जुड़े नहीं हैं PHC

 

इन 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के आयुष्मान योजना से संबद्ध नहीं होने के कारण अभी यहां आने वाले आयुष्मान कार्डधारकों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन केंद्रों पर भर्ती समेत कई सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में सामान्य इलाज के लिए भी मरीजों को बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है।

 

इन क्षेत्रों के 22 PHC होंगे शामिल

 

आयुष्मान योजना से जोड़े जाने वाले केंद्रों में सहसपुर का भगवंतपुर, डोईवाला के भानियावाला, छिद्दरवाला और गुमानीवाला, रायपुर के सरोना और रानीपोखरी शामिल हैं।

 

विकासनगर क्षेत्र में कटापत्थर, कोटी ढलानी, रुद्रपुर और डाकपत्थर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। चकराता क्षेत्र में बुलहाड़, मेहरावना, भटाड़, बरोथा, खाबू और कोटी कनासर के PHC को योजना से जोड़ा जाएगा।

 

वहीं कालसी क्षेत्र के कालसी, टाइप-ए लखवाड़, टाइप-ए कमला, टाइप-ए पिंगिरी, टाइप-ए बिरमौ और टाइप-ए मुंढान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी आयुष्मान योजना के दायरे में आएंगे।

 

डॉक्टर कर सकेंगे मरीजों को भर्ती, माइनर ऑपरेशन की भी सुविधा

 

सीएमओ के मुताबिक इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी के साथ एक से चार बेड तक की व्यवस्था है। यहां डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वॉय और सफाई कर्मी तैनात रहते हैं। आयुष्मान योजना लागू होने के बाद इन केंद्रों पर डॉक्टर सामान्य मरीजों के साथ माइनर ऑपरेशन की जरूरत वाले मरीजों को भी भर्ती कर सकेंगे।

 

सीएमओ ने अधिकारियों को प्रक्रिया में किसी तरह की देरी या लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। योजना लागू होने के बाद जिले के दूरस्थ ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले आयुष्मान कार्डधारकों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत कम होगी और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

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