ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की शीतकालीन धार्मिक परंपराओं से छेड़छाड़ के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला ने अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह कदम केदारनाथ धाम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उठाया गया है, जिस पर तीर्थपुरोहितों ने कड़ा ऐतराज जताया था।
वर्तमान में केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के चलते बंद हैं, इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत धाम क्षेत्र में निर्माण कार्य जारी है। यहां करीब 50 से अधिक मजदूर कार्यरत हैं। इसी दौरान पांच जनवरी को मंदिर परिसर और मंदिर के सामने स्थित ‘ॐ’ स्थल का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

इस संबंध में केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी ने छह जनवरी को उप जिलाधिकारी ऊखीमठ को शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत में कहा गया कि वुड स्टोन कंपनी के ठेकेदार सोभन सिंह द्वारा शीतकाल के दौरान मंदिर परिसर की वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे देश-विदेश में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि केदारनाथ धाम में छह माह देव पूजा और छह माह नर पूजा की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व है। शीतकाल में देव पूजा को अत्यंत पवित्र माना जाता है और इस दौरान मंदिर परिसर में मानव गतिविधियों का होना परंपराओं के विपरीत है। ऐसे में इस प्रकार की गतिविधियों का प्रचार दुर्भाग्यपूर्ण है और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए हैं कि वुड स्टोन कंपनी के ठेकेदार द्वारा की जा रही ऐसी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। साथ ही केदारनाथ धाम क्षेत्र में शीतकालीन अवधि के दौरान किसी भी अन्य कंपनी या श्रमिक द्वारा इस तरह की गतिविधियां न हों, इसके लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।