देहरादून। उत्तराखंड राज्य में आंगनबाड़ी कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला लिया गया है। अब रिटायरमेंट के समय उन्हें एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। पहले यह राशि 40 हजार रुपये थी। यह निर्णय कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में देहरादून सचिवालय में हुई बैठक में लिया गया। इस फैसले का लाभ एक अप्रैल 2026 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले आंगनबाड़ी कर्मियों को मिलेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के बाद मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि विभाग लंबे समय से आंगनबाड़ी वर्करों की रिटायरमेंट सहायता राशि बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला आंगनबाड़ी कर्मचारियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम है।
बैठक में विभागीय पदों को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए। मंत्री ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के 88 पद लंबे समय से खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए प्रमोशन की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू कर दी जाएगी, जिससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी।
इसके साथ ही मंत्री रेखा आर्या ने एकल महिला स्वरोजगार योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत छह जिलों से आए 504 प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है। वहीं नंदा गौरा योजना को लेकर इस साल रिकॉर्ड आवेदन आए हैं। अब तक 45 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 20 दिसंबर है, जिससे संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
मंत्री ने बताया कि नंदा गौरा योजना के पात्र लाभार्थियों को 15 जनवरी से धनराशि मिलना शुरू हो जाएगी। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचे।