देहरादून: हर साल की तरह इस बार भी श्रावण मास (सावन) का आगमन शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व लेकर आया है। वर्ष 2025 में सावन का महीना 10 जुलाई (गुरुवार) से शुरू हो रहा है और 7 अगस्त (गुरुवार) तक चलेगा। इस पूरे महीने को भगवान शिव की आराधना, व्रत, संयम और सात्विक जीवनशैली के लिए समर्पित माना जाता है।
इस बार का सावन क्यों है खास?
वर्ष 2025 का सावन इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस बार सावन में पूरे 5 सोमवार पड़ रहे हैं। यह योग हर वर्ष नहीं बनता। जब सावन में पांच सोमवार आते हैं, तो इसे अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है। माना जाता है कि इस दौरान सच्चे मन से व्रत रखने और शिवजी की पूजा करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
2025 में सावन के सोमवार व्रत की तिथियां:
1. पहला सोमवार – 14 जुलाई
2. दूसरा सोमवार – 21 जुलाई
3. तीसरा सोमवार – 28 जुलाई
4. चौथा सोमवार – 4 अगस्त
5. पाँचवाँ सोमवार – 7 अगस्त
किस सोमवार को क्या रंग पहनना चाहिए?
हर सोमवार विशेष रंगों के साथ जुड़ा होता है। मान्यता है कि इन रंगों के वस्त्र पहनने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है:
14 जुलाई (पहला सोमवार): सफेद – शांति और पवित्रता का प्रतीक
21 जुलाई (दूसरा सोमवार): हरा – सुख-समृद्धि और उन्नति का संकेत
28 जुलाई (तीसरा सोमवार): नीला – विश्वास और दृढ़ता का प्रतीक
4 अगस्त (चौथा सोमवार): पीला – ज्ञान और बुद्धि के लिए शुभ
7 अगस्त (पाँचवाँ सोमवार): लाल – इच्छाओं की पूर्ति और सफलता का रंग
कौन-सा सोमवार मन्नतों के लिए है श्रेष्ठ?
मान्यता के अनुसार तीसरा सोमवार (28 जुलाई) को अगर विशेष ध्यान, व्रत और शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाए, तो मन की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन विशेष रूप से “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करने का भी विशेष महत्व है।
क्या रखें सावधानी?
व्रत के दौरान मांसाहार, लहसुन-प्याज से परहेज करें।मंदिर में बेलपत्र, दूध, दही, शहद और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें।रुद्राभिषेक और रुद्राष्टक का पाठ शुभ माना जाता है।
सावन न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि यह मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक भी है। व्रत, संयम, भक्ति और सेवा के साथ मनाया गया सावन जीवन को नई ऊर्जा और शुभता प्रदान करता है।