पिथौरागढ़/चंपावत। नेपाल में हाल ही में हुई धार्मिक हिंसा की घटनाओं के बाद पिथौरागढ़ और चंपावत जनपद से सटी भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
हालांकि नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों महेन्द्रनगर, बैतड़ी, दार्चूला और जूलाघाट में फिलहाल शांति बनी हुई है। इन इलाकों में किसी प्रकार के प्रदर्शन या हिंसा की सूचना नहीं है। टनकपुर से सटी भारत-नेपाल सीमा पर भी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
टनकपुर सीमा पर सामान्य आवाजाही
टनकपुर सीमा से लगे नेपाल के ब्रह्मदेव मंडी क्षेत्र में बाजार सामान्य रूप से खुले रहे। बाबा सिद्धनाथ के दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालु और भारतीय पर्यटक बिना किसी रोक-टोक के दिनभर आवाजाही करते रहे। प्रभारी कोतवाल अपर उप निरीक्षक पूरन सिंह तोमर ने बताया कि सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार निगरानी की जा रही है।
झूलाघाट और दार्चूला में भी शांति
पिथौरागढ़ जनपद के झूलाघाट क्षेत्र में भी नेपाल सीमा पर किसी प्रकार की अशांति का असर नहीं दिखा। मंगलवार को भारतीय क्षेत्र झूलाघाट से सटे नेपाल के जूलाघाट में शांति बनी रही और दिनभर कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। दार्चूला क्षेत्र में भी हालात सामान्य रहे, हालांकि एहतियातन बैतड़ी और दार्चूला जिलों को अलर्ट पर रखा गया है।
सीमा से 500 किमी दूर हुई थी हिंसा
नेपाल के वीरगंज क्षेत्र में मंगलवार को पथराव की घटना हुई थी, जो भारतीय सीमा से लगभग 500 किलोमीटर दूर स्थित है। सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर फिलहाल किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
सोशल मीडिया से भड़की थी हिंसा
जानकारी के अनुसार, कुछ शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें एक धार्मिक समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। वीडियो के वायरल होने के बाद दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने एक धर्मस्थल में तोड़फोड़ की। इसके विरोध में सड़क पर उतरे लोगों के प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। दोनों पक्षों में समझौते के बाद कर्फ्यू हटा लिया गया।