गैरसैंण। चुनावी साल में एक ओर जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार बजट सत्र में अपनी योजनाओं और उपलब्धियों के साथ मजबूती से उतरने की तैयारी में है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सदन के भीतर सरकार को घेरने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस ने सत्र की अवधि बढ़ाने के साथ ही भर्ती घोटालों की जांच, महिला अपराधों में वृद्धि, अंकिता भंडारी प्रकरण, भ्रष्टाचार, महंगाई, गैरसैंण की उपेक्षा, बुनियादी सुविधाओं की कमी, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की है।
विपक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पटल पर रखे जाने का विरोध किया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है और इसका पुरजोर विरोध सदन के भीतर किया जाएगा।
रविवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित शासकीय आवास में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस विधायकों ने बजट सत्र के दौरान सदन में उठाए जाने वाले विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और अपने सुझाव रखे।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सत्र की अवधि कम रखने का कांग्रेस कड़ा विरोध करेगी। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और न ही सदन में इन विषयों पर बहस करना चाहती है। कांग्रेस की मांग है कि बजट सत्र कम से कम 20 से 22 दिन तक चलना चाहिए और इस मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मांग को लेकर सदन से लेकर सड़क तक विरोध करेगी।
आर्य ने कहा कि यदि सरकार विपक्ष से सदन को सुचारु रूप से चलाने की अपेक्षा रखती है, तो सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रदेश की जनता से जुड़े ज्वलंत और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त अवसर दे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा केवल विधायी कार्यवाही का मंच नहीं है, बल्कि यह वह सर्वोच्च मंच है जहां जनता की आवाज उठाई जाती है और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जाता है।
कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में कुल 14 विधायक उपस्थित रहे। हालांकि प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन, लखपत बुटोला, आदेश चौहान, तिलक राज बेहड़ और वीरेंद्र जाति विभिन्न कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके। बताया गया कि बैठक समाप्त होने के बाद प्रीतम सिंह भराड़ीसैंण पहुंच गए थे।
मुख्यमंत्री धामी ने की शिष्टाचार भेंट
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से उनके भराड़ीसैंण स्थित सरकारी आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि लोकतांत्रिक परंपरा के तहत सत्र शुरू होने से पहले इस तरह की मुलाकातें सामान्य होती हैं, जिनका उद्देश्य सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और मर्यादित ढंग से चलाना होता है।
सदन में उठेंगे बिजली-पानी और जल जीवन मिशन के मुद्दे
बजट सत्र के दौरान महंगी बिजली, पेयजल संकट और जल जीवन मिशन जैसे मुद्दों पर भी सरकार की घेरेबंदी की जाएगी। कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय विधायकों के साथ ही सत्ता पक्ष के कुछ विधायक भी बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा सकते हैं।
कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि हर घर नल से जल का वादा अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उनका आरोप है कि केवल कागजों में आंकड़े दिखाकर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। कई गांवों में नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंच रहा है।
उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि प्रदेश में बिजली के बढ़ते दामों को लेकर सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा प्रदेश होने के बावजूद हर महीने बिजली के दाम बढ़ने से जनता परेशान है। पहले साल में एक बार बिजली दरें बढ़ती थीं, लेकिन अब हर महीने बढ़ोतरी हो रही है।