मसूरी: भद्रराज मंदिर समिति ने दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड का नया नियम लागू किया है। अब मंदिर में किसी को भी छोटे कपड़ों या अनुचित पोशाक में प्रवेश नहीं मिलेगा। समिति ने यह फैसला मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए लिया है।
समिति के अध्यक्ष ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ ऐसे श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जिनकी वेशभूषा धार्मिक स्थल के अनुरूप नहीं थी। इससे अन्य भक्तों में नाराजगी देखी गई। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नियम बनाया गया है कि पुरुष और महिलाएं पूरी तरह ढंके कपड़ों में ही मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।
मंदिर प्रबंधन द्वारा मंदिर गेट पर सूचना बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें साफ लिखा है कि ‘अर्धनग्न या अनुचित पोशाक’ में किसी को भी मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
समिति ने की अपील
समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर की गरिमा को बनाए रखें और पारंपरिक या मर्यादित वस्त्र पहनकर ही दर्शन के लिए आएं। उन्होंने यह भी कहा कि यह नियम किसी विशेष वर्ग को लक्षित नहीं है, बल्कि सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।

हालांकि ड्रेस कोड को लेकर श्रद्धालुओं की राय बंटी हुई नजर आई। कुछ लोगों ने इस निर्णय को सही ठहराया और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह जरूरी है, जबकि कुछ ने इसे ‘व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल’ करार दिया।