देहरादून: इस बार पर्यटन सीजन में बर्फबारी न होने से उत्तराखंड के पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मसूरी, नैनीताल, चकराता और औली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट खाली पड़े हैं और पर्यटन से जुड़े कारोबारी मायूस नजर आ रहे हैं।
चकराता में सबसे ज्यादा असर, 80% तक गिरा कारोबार
बर्फबारी न होने का सबसे अधिक असर चकराता में देखने को मिल रहा है। यहां पर्यटन व्यवसाय में करीब 80 प्रतिशत तक गिरावट आई है। होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट लगभग खाली हैं। टूरिस्ट डेवलपमेंट और होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम पंवार के अनुसार, इस साल क्रिसमस और नववर्ष पर भी कारोबार 50 प्रतिशत तक नहीं पहुंच सका। होटल संचालकों के लिए कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है।
मसूरी में नववर्ष के बाद ठंडा पड़ा पर्यटन
मसूरी में नववर्ष के दौरान कुछ दिनों तक पर्यटकों की भीड़ रही, लेकिन इसके बाद पर्यटन कारोबार तेजी से घट गया। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि बर्फबारी न होने से पर्यटक लंबे समय तक रुक नहीं रहे हैं। कुल मिलाकर मसूरी में पर्यटन कारोबार करीब 20 प्रतिशत तक कम हुआ है।
चमोली में ट्रेकिंग से मिली आंशिक राहत
चमोली जिले में बर्फबारी न होने से औली का पर्यटन जरूर प्रभावित हुआ है, लेकिन साफ मौसम और हल्की धूप के कारण ट्रेकिंग गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मैदानों में घने कोहरे से परेशान पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जिससे जिले को आंशिक राहत मिली है।
नैनीताल में 25 करोड़ रुपये तक के नुकसान का अनुमान
नैनीताल में बर्फबारी न होने से पर्यटन कारोबार को लगभग 25 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। पिछले साल जहां करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था, वहीं इस बार यह घटकर लगभग 75 करोड़ रुपये रह गया है। होटल कारोबारी नवीन चंद्र के अनुसार, कई पर्यटक बर्फबारी की जानकारी लेकर अपनी बुकिंग रद्द कर रहे हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए होटलों में 30 प्रतिशत तक की छूट और विशेष पैकेज दिए जा रहे हैं।
कारोबारियों को बर्फबारी का इंतजार
पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि बर्फबारी होते ही पर्यटकों की संख्या में तेजी आएगी। फिलहाल बर्फ न गिरने से पर्यटक और कारोबारी दोनों निराश हैं। पर्यटन से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका भी इस मौसम पर टिकी हुई है।