चैंपियंस ट्रॉफी 2025 अपने आखिरी पड़ाव पर है, टूर्नामेंट का फाइनल मैच 9 मार्च को इंडिया बनाम न्यूजीलैंड के बीच दुबई में खेला जाएगा. भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में प्रवेश किया जबकि न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को मात देकर फाइनल में एंट्री की है.
वहीं दूसरी ओर भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी रमजान में रोजा न रखने की वजह से मुस्लिम धर्मगुरुओं के निशाने पर आ गए हैं. धर्मगुरु शमी के रोजा न रखने की वजह से नाराज हैं और इस्लामी शरीयत की नजर में उन्हें मुजरिम करार दे रहे हैं.
दरअसल, 4 मार्च को दुबई में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का पहला सेमीफाइनल मैच खेला गया, उस मैच में शमी भी खेल रहे थे, और बॉलिंग करने के बाद बाउंड्री पर उन्हें एनर्जी ड्रिंक पीते हुए देखा गया, जिसका एक फोटो बाद में वायरल भी हो गया. जिसके बाद मुस्लिम धर्मगुरु शमी पर नाराजगी जता रहे हैं और क्रिकेटर को नसीहत भी दे रहे हैं.
मौलाना ने आगे कहा कि, ‘इस्लाम में रोजे को अनिवार्य करार दिया गया है और अगर कोई शख्स जानबूझकर रोजा नहीं रखता है तो वह बड़ा गुनाहगार है, और क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने ऐसे ही किया है, उन्होंने रोजा न रखकर गुनाह किया, शमी को हरगिज ऐसा नहीं करना चाहिए था.’
एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए मोहम्मद शमी के भाई मोहम्मद जैद ने कहा, ‘मुझे ऐसे बयानों पर हंसी आती है, महज टीआरपी के लिए ऐसा बयान दिया जाता है, शमी के भाई ने ये भी कहा कि जहां तक मुझे लगता है अगर कोई किसी के अंडर में हो या अगर हमारी टीम कहीं बाहर जा रही है यानी सफर में हो तो फिर रोजे में छूट दी गई है. उन्होंने ये भी कहा कि मेरे भाई को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है, ये हमारे लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. साथ ही उन्होंने कहा कि काफी लोग पाकिस्तान की तरफ से मेरे भाई को ट्रोल कर रहे हैं.