गुरुग्राम: सोशल मीडिया स्टार और राष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्याकांड में एक नया खुलासा सामने आया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि राधिका के पिता ने उसकी टेनिस ट्रेनिंग और प्रमोशन पर लगभग 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए थे। लेकिन अब कहा जा रहा है कि परिवार पर आसपास के लोगों द्वारा ताना कसा जाता था कि “बेटी की कमाई खा रहे हो?” – यही बात राधिका के पिता को अंदर से खाए जा रही थी।

राधिका यादव की हत्या के मामले में अब मानसिक दबाव और सामाजिक तानों को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। पिता ने पुलिस को बताया कि राधिका कोचिंग जॉइन करना चाहती थी, और वह लगातार खुद के भविष्य को लेकर चिंतित रहती थी।
राधिका अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती थी, लेकिन उसको ये पता लगने लगा था कि लोग उसकी सोशल मीडिया सफलता और ब्रांड डील्स को गलत नज़र से देख रहे हैं। लोग उसके पिता को कहते थे – “अब तो बेटी कमा रही है, आप लोग मज़े कर रहे हो।”

पुलिस ने अब इस एंगल से भी जांच शुरू कर दी है कि कहीं पिता ने मानसिक दबाव या बदनामी के डर में आकर यह कदम तो नहीं उठाया।

राधिका यादव एक होनहार टेनिस खिलाड़ी थीं और हाल ही में इंस्टाग्राम रील्स से उन्हें बड़ी पहचान मिलने लगी थी। उनके फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही थी, और कई ब्रांड उनसे संपर्क कर रहे थे।
फिलहाल, पुलिस पिता से पूछताछ कर रही है और मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया के मैसेज व परिवार के जानकारों से बातचीत कर रही है।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है – क्या समाज के तानों का बोझ एक बाप की सोच को मार सकता है? क्या एक बेटी की तरक्की उसके लिए खतरा बन सकती है?