आगरा, 25 जुलाई 2025 : उत्तर प्रदेश के आगरा से धर्मांतरण से जुड़ा एक बड़ा रैकेट सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक छह राज्यों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन युवतियों को इस रैकेट ने अपने जाल में फंसाया, उनमें से कई काउंसलिंग के बावजूद धर्म परिवर्तन के फैसले पर अड़ी रहीं। पुलिस का कहना है कि यह लड़कियाँ मानसिक रूप से इतना अधिक कट्टर हो चुकी थीं कि वे वापस लौटने को तैयार ही नहीं थीं।
सोशल मीडिया बना हथियार
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह रैकेट सोशल मीडिया के ज़रिए युवतियों को फंसाता था। पहले दोस्ती की जाती थी, फिर धीरे-धीरे मानसिक रूप से प्रभावित कर उन्हें कट्टर विचारधारा की ओर धकेला जाता था। आरोपी कथित रूप से विदेशों से फंडिंग लेकर इस पूरे रैकेट को चला रहे थे।
छह राज्यों में फैला नेटवर्क
गिरफ्तार किए गए लोगों में गोवा, दिल्ली, कोलकाता, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के निवासी शामिल हैं। मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ ‘चाचा’ बताया जा रहा है, जो पिछले 35 वर्षों से इस तरह का नेटवर्क चला रहा था।
AK-47 की तस्वीर और विचारधारा का असर
पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर AK-47 के साथ फोटो शेयर की थी। उन्होंने कहा कि कश्मीर से आई दो लड़कियों ने उनकी बेटियों को प्रभावित किया था। बेटियाँ अब किसी भी समझाइश या धार्मिक काउंसलिंग को मानने को तैयार नहीं हैं।
विदेशों से जुड़ा फंडिंग लिंक
इस मामले में कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई और पाकिस्तान जैसे देशों से फंडिंग का भी शक जताया गया है। ATS और अन्य एजेंसियाँ अब इस एंगल से भी जांच में जुट गई हैं।
आरोपी कौन-कौन?
गिरफ्तार हुए 10 लोगों में जो नाम शामिल हैं वो अब्दुल रहमान (आगरा),ओसामा और अली हसन,(कोलकाता)अयेशा (गोवा),अबु तालिब (मुज़फ्फरनगर),अब्दुर रहमान (देहरादून),मोहम्मद अली और जुनैद कुरैशी (जयपुर),एक आरोपी दिल्ली से है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह केवल एक धर्मांतरण का मामला नहीं, बल्कि देश की एकता और सुरक्षा से जुड़ा षड्यंत्र है। सरकार कठोर कार्रवाई करेगी।