देहरादून। देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर रायवाला क्षेत्र में मोतीचूर फ्लाईओवर के पास रविवार रात करीब दस बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। पांच वाहनों की आपस में भिड़ंत के बाद उनमें आग लग गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल और झुलस गए। हादसे के बाद हाईवे पर करीब दो घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। रात करीब सवा बारह बजे यातायात सुचारु हो सका।
पुलिस के अनुसार ऋषिकेश से हरिद्वार की ओर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रही रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। इसके बाद पीछे से आ रही एक कार और एक ट्राला भी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से टकरा गए। इसी दौरान पीछे से आ रही एक और कार भी इनसे जा भिड़ी। लगातार टक्करों के बाद वाहनों में आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही रायवाला कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही हरिद्वार, ऋषिकेश और लालतप्पड़ से फायर ब्रिगेड की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। घटनास्थल पर उठते धुएं और आग की लपटों से पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। बस, कार, ट्राला और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग राहत-बचाव कार्य में जुटे रहे। कई लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
तीन मासूमों के सिर से उठा मां का साया
इस हादसे में कुसुम नाम की महिला की मौत हो गई, जिससे उसके तीन छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतका की सास रानी ने बताया कि कुसुम के पति सचिन पहले से ही दोनों हाथों से दिव्यांग हैं और किसी प्रकार का काम करने में असमर्थ हैं।
दून से दर्शन कर लौट रहा था परिवार
ट्रैक्टर चालक लव कुश ने बताया कि परिवार के सदस्य देहरादून में श्री झंडा जी के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि वह ट्रैक्टर को सड़क किनारे लगाने ही वाले थे कि तभी पीछे से बस ने टक्कर मार दी। इसके बाद दूसरी बस और फिर ट्रक ने भी ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी।
ट्रैक्टर में सवार रोहित ने बताया कि परिवार के एक सदस्य की मन्नत पूरी होने पर सभी लोग देहरादून में श्री झंडा जी के दर्शन के लिए आए थे। लौटते समय उन्होंने हरिद्वार में रुककर गंगा स्नान करने की योजना बनाई थी, लेकिन मोतीचूर के पास हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार थे 32 लोग
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में एक ही परिवार के करीब 32 लोग सवार थे, जो देहरादून से बिजनौर लौट रहे थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारी ढोना प्रतिबंधित होने के बावजूद लोग उसमें यात्रा कर रहे थे। घटना के बाद परिवहन व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हादसे के बाद देर रात तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और यातायात बहाली का कार्य कराया।