उत्तराखण्ड -उत्तराखण्ड एसटीएफ के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन रुद्रपुर के संयुक्त अभियान में साईबर धोखाधडी के सरगना 01 अभियुक्त को पटेलनगर, देहरादून से किया गिरफ्तार ।
पीडितों को झांसे में लेने हेतु सोशल मीडिया प्लेटफार्म का किया जाता था प्रयोग ।पीडितों को व्हाटसप ग्रुपों में जोड़ ऑनलाईन ट्रेडिंग में निवेश कर अधिक मुनाफे का लालच देकर की जा रही थी धोखाधडी ।पीडित को ABANS Brokerage Services कम्पनी का अधिकारी बताकर की गयी लगभग 38.55लाख रूपये की धोखाधडी । अभियोग में संदिग्ध ०२ करोड़ का लेनदेन भी प्रकाश में आया|
पीडितों द्वारा किये गये निवेश को मुनाफे सहित दिखाया जाता था फर्जी एपलीकेशन पर ।

ठगी हेतु प्रयोग किये गये खाते में जनवरी से अप्रैल तक मात्र 04 माह में ही करोडो रूपये का लेनदेन होना आया है प्रकाश में । अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त 02 अदद मोबाइल फोन, 06 सिम कार्ड, 03 डेविट कार्ड, 01आधार कार्ड, 01 पैन कार्ड व 01 मोहर बरामद हुई है।
श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड, श्री दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में साईबर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुये साईबर पीड़ितो को न्याय दिलाया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0, श्री नवनीत सिंह द्वारा जानकारी देते हुये बताया गया कि एक प्रकरण जनपद उधम सिंह नगर निवासी पीड़ित द्वारा माह मार्च 2025 में केस दर्ज कराया था, जिसमें उनके द्वारा माह जनवरी-मार्च 2025 में व्हाटसप पर ट्रेडिंग सम्बन्धी मैसेज प्राप्त हुआ जिसने स्वयं को ऑनलाईन ट्रेडिंग कम्पनी ABANS Brokerage Services PVT LTDका प्रतिनिधि बताकर विभिन्न व्हाटसप ग्रुपों 055Abans Market Mentors, 051Abans से जुड़ने के लिए बताया गया । जिनमें शेयर ट्रेडिंग हेतु प्रशिक्षित किया जाना बताया गया। ग्रुपों में पूर्व से जुडे लोगों द्वारा निवेश की गयी धनराशि पर प्राप्त प्रॉफिट की धनराशि संबंधी स्क्रीनशॉट शेयर किये जाते थे ।शिकायतकर्ता कोट्रेडिंग में निवेश करने के लिये अभियुक्त द्वारा सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से उपलब्ध कराये गये विभिन्न बैंक खातो में लगभग 38.55 लाख रुपये की धनराशी धोखाधड़ी से जमा करायी गयी ।
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन में मामले का प्रवेक्षण पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा एवं विवेचना श्री शरद चौधरी निरीक्षक, साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, कुमाऊँ परिक्षेत्र, रूद्रपुर के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों,रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों,व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचाकर कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराधियो द्वारा घटना में पीड़ित से शेयर ट्रेडिंग में लाभ कमाने के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि स्थानान्तरित करवायी गयी ।
विवेचना के दौरान साईबर थाना पुलिस टीम द्वारा अभियोग में प्रकाश में आए बैंक खातों तथा मोबाइल नम्बरों का सत्यापन किया गया । पुलिस टीम द्वारा तकनीकी, डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर घटना के मास्टर मांइड व मुख्य आरोपी मौहम्मद रिजवान पुत्र बुन्दु निवासी- मोहल्ला घोसियान निकट घोसियान मस्जिद थाना बडापुर, तहसील नगीना जनपद बिजनौर उ0प्र0 हाल निवासी- फ्लैट नं0 2/628 IInd फ्लोर मंगलम अपार्टमेण्ट, वन बिहार पित्थुवाला, थाना पटेलनगर, जनपद देहरादून को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की । साईबर टीम द्वारा अथक मेहनत एवं प्रयास से तकनीकी संसाधनों का प्रयोग करते हुये साक्ष्य एकत्रित कर अभियोग में प्रकाश में आये अभियुक्त मौहम्मद रिजवान पुत्र बुन्दु निवासी उपरोक्त को थाना पटेलनगर क्षेत्र देहरादून से गिरफ्तार किया गया । तलाशी में अभियुक्तसे घटना में प्रयुक्त 02 अदद मोबाइल फोन, 06 सिम कार्ड, 03 डेबिट कार्ड, 01 आधार कार्ड, 01 पैन कार्ड व 01 फर्म की मोहर भी बरामद हुए है ।
अपराध का तरीका
अभियुक्तव्हाटसप के माध्यम से पीडितों को ट्रेडिंग सम्बन्धी मैसेज भेजा जाता था जिसमें स्वयं को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर ऑनलाईन ट्रेंडिग में निवेश कर लाभ दिलाये जाने का भरोसा दिलाया जाता था । तत्पश्चात अलग-अलग व्हाटसप ग्रुपों 055Abans Market Mentors, 051Abans Market Mentors, 054Abans Market Mentors में जोडा जाता था, जिनमें पूर्व से जुडे हुए लोगों द्वारा स्वयं के द्वारा निवेशित धनराशि पर प्राप्त लाभ सम्बन्धी स्क्रीनशॉट शेयर किये जाते थे । जिससे ग्रुप में जुडे अन्य पीड़ित इनके झांसे में आकर ऑनलाईन ट्रेडिंग में कम समय में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लालच में अपनी धनराशि निवेश कर देते थे । पीडितों द्वारा निवेश की गयी धनराशि में मुनाफा दिखाने हेतु यह एक फर्जी एप ABANS Pro का प्रयोग करते थे तथा उसके डैशबोर्ड पर पीडितों द्वारा इन्वेस्ट की गयी धनराशि को भारी लाभ के साथ दिखाया जाता था । जिससे पीड़ित को अधिक मुनाफा होने का भरोसा हो जाता था । परन्तु स्वयं के साथ हो रही साईबर धोखाधड़ी का अंदेशा नही हो पाता था । अभियुक्त द्वारा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को अन्य खातों में स्थानान्तरण कर दिया जाता था । अभियोग में संदिग्ध ०२ करोड़ का लेनदेन भी प्रकाश में आया|
प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र 4-5 माह में ही करोडो रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है । जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्तगण के बैंक खाते के विरुद्ध देश के कई राज्यों में कुल 13 साईबर अपराधों की शिकायतें निम्नवत दर्ज हैं । जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है ।
वेस्ट बंगाल पुलिस द्वारा मामले में तुरंत वारंट बी भी लिया जा रहा जिससे आरोपी को वेस्ट बंगाल भी न्यायालय के सामने पेश किया जा सके।गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम व पता-मौहम्मद रिजवान पुत्र बुन्दु निवासी- मोहल्ला घोसियान निकट घोसियान मस्जिद थाना बडापुर, तहसील नगीना जनपद बिजनौर उ0प्र0 हाल निवासी- फ्लैट नं0 2/628 IInd फ्लोर मंगलम अपार्टमेण्ट, वन बिहार पित्थुवाला, थाना पटेलनगर, जनपद देहरादून।गिरफ्तारी का स्थान- पटेलनगर, जनपद देहरादून है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड श्री नवनीत सिंह ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों,फर्जी साईट,धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अन्जान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । साथ ही, सभी से अपील है कि वे फर्जी निवेश ऑफर जैसे यूट्यूब सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें, किसी भी अन्जान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें, अन्जान कॉल आने पर लालच में न आये, कॉलर की सत्यता की जांच करे बिना किसी भी प्रकार की सूचना व दस्तावेज न दें ।
ऑनलाईन जॉब हेतु एप्लाई कराने से पूर्व उक्त साईट का पूर्ण वैरीफिकेशन सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें ।तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करेंव शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें ।