चारधाम यात्रा अपडेट: चारधाम यात्रा के लिए पहले ही दिन 1.24 लाख श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष पहले दिन हुए पंजीकरण की तुलना में करीब 67 प्रतिशत कम है। पहले दिन सबसे अधिक 42 हजार से ज्यादा पंजीकरण केदारनाथ धाम के लिए किए गए।
चारधाम यात्रा इस वर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। शुक्रवार से www.registrationandtouristcare.uk.gov.in� वेबसाइट और मोबाइल ऐप Tourist Care Uttarakhand पर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यात्रा के लिए 17 अप्रैल से ऋषिकेश, हरिद्वार और विकासनगर में ऑफलाइन पंजीकरण भी शुरू किए जाएंगे। इन स्थानों पर 50 काउंटरों के माध्यम से 24 घंटे पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। श्रद्धालुओं को पंजीकरण के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा। जिन श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड नहीं होगा, वे ऑफलाइन काउंटरों पर पंजीकरण करवा सकेंगे। वहीं विदेशी श्रद्धालु अपनी ई-मेल आईडी के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।
उत्तराखंड के पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बेहतर प्रबंधन के चलते 56.31 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए थे और इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या इससे भी अधिक रहने की संभावना है। इसके लिए धामों में विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
इस दिन खुलेंगे धामों के कपाट:
यमुनोत्री धाम – 19 अप्रैल
गंगोत्री धाम – 19 अप्रैल
केदारनाथ धाम – 22 अप्रैल
बदरीनाथ धाम – 23 अप्रैल
जल्द जारी होगी एसओपी
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार जल्द ही एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करेगी। इसके तहत यात्रा से जुड़े कई मानक तय किए जाएंगे। हर वाहन के ट्रिप कार्ड पर यात्रियों और चालक का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही टूर ऑपरेटर या वाहन मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर भी अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा।
यात्रा के दौरान कुल 1800 बसों के संचालन की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।