हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में कथित सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने से जुड़े मामले की सुनवाई मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में नहीं हो सकी। अब यह मामला 10 दिसंबर को सुना जाएगा। रेलवे की ओर से जल्द सुनवाई के अनुरोध के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने नई तारीख तय की।
सीजेआई की पीठ के सामने होनी थी सुनवाई
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी। रेलवे ने अदालत से आग्रह किया कि रेल लाइन विस्तार का काम रुका हुआ है, इसलिए मामले की जल्द सुनवाई की जाए। पीठ ने अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तिथि 10 दिसंबर निर्धारित कर दी।
अदालत ने पिछला आदेश जारी रखा
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश को जारी रखा था, जिसके तहत पुनर्वास योजना बनने तक बनभूलपुरा के निवासियों को विस्थापित करने पर रोक लगी हुई है। मंगलवार को सुनवाई स्थगित होने के बावजूद शीर्ष अदालत ने यह रोक बरकरार रखी।
रेलवे बोला—जमीन की पहचान हो गई, मुआवजा देने को तैयार हैं
इससे पहले, सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया था कि रेलवे और सरकार की जमीन की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने पीठ को यह भी कहा था कि रेलवे प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए तैयार है और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए जमीन खाली कराने की अनुमति दी जानी चाहिए।
भाटी ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि रेलवे ने पूरे मामले पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी है।