Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u948756791/domains/thejagsamachar.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं अंकिता भंडारी की मां, निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में देंगी चुनौती, अपराधियों को मृत्युदंड मिलना चाहिए

उत्तराखंड: अंकिता हत्याकांड में शुक्रवार को मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। लेकिन सजा सुनाने के बाद मृतिका की मां सोनी देवी कोर्ट के फैसले से खुश नहीं दिखाई दी, उन्होंने कहा कि हत्यारों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी। उच्च न्यायालय में जाकर निचली अदालत के फैसले को चुनौती देंगे।

 

 

पौड़ी जिले के कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। लेकिन फैसला आने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मां सोनी देवी ने कहा कि वह इससे संतुष्ट तो नहीं हैं लेकिन इससे उनकी बेटी की आत्मा को थोड़ी शांति तो जोरू मिली होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें संतुष्टि तो तभी होगी जब उनके जीते जी उनकी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा मिलेगी। उन्होंने सुबकते हुए कहा कि ,हत्यारों ने ना केवल उनकी बेटी के साथ बुरा किया बल्कि उसकी जिंदगी भी नर्क बना दी। अंकिता भंडारी की मां ने कहा कि एक बेटी को खोने का दुख एक मां ही समझ सकती है। साथ ही समर्थन के लिए लोगों का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी वजह से आज पहली जीत मिली है।

 

उच्च न्यायालय में देंगी निचली अदालत के फैसले को चुनौती 

 

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि वह अपनी बेटी के हत्यारों को मृत्युदंड दिलाना चाहते हैं,इसलिए वह निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। वीरेंद्र भंडारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, हमारी मांग है कि जिस तरह उन्होंने हमारी बेटी को मारा, उसी तरह उन्हें भी मृत्युदंड मिलना चाहिए।

अंकिता के परिजनों ने यमकेश्वर से भाजपा विधायक रेणु बिष्ट और एक अति विशिष्ट व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच की मांग की, जिनका नाम इस मामले में सामने आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *