काठमांडू: पड़ोसी देश नेपाल से एक बड़ी और सनसनीखेज़ खबर सामने आई है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार दोपहर अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है।
क्यों देना पड़ा इस्तीफ़ा?
पिछले कई दिनों से नेपाल की राजधानी काठमांडू और अन्य हिस्सों में Gen Z युवाओं का उबाल देखने को मिल रहा था। युवाओं का गुस्सा दो कारणों से भड़का पहला सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और दूसरा राजनीतिक भ्रष्टाचार।
सरकार के इस कदम के खिलाफ युवाओं ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू किए, जो धीरे-धीरे हिंसक हो गए।
प्रदर्शन में जान-माल का नुकसान
हिंसक झड़पों और पुलिस फायरिंग में 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन और कई सरकारी दफ्तरों में पथराव और आगजनी तक कर दी है जिसकी चपेट में पीएम की पत्नी राजलक्ष्मी आ गई और आग में जल कर उनकी मौत हो गई।
युवाओं का साफ संदेश
प्रदर्शनकारियों का कहना था “अब बदलाव चाहिए, अब इस्तीफ़ा चाहिए।”प्रदर्शनकारियों का यही दबाव प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफ़े की बड़ी वजह बना।
अब नेपाल की सियासत में आगे क्या?
ओली के इस्तीफ़े के बाद सवाल उठ रहे हैं कि नेपाल की सियासत किस दिशा में जाएगी।क्या नया नेतृत्व देश को स्थिरता दिला पाएगा?