Char Dham Yatra 2025: उत्तराखंड में चार धाम बद्रीनाथ केदारनाथ यमुनोत्री गंगोत्री की यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हो रही है। यात्रा का उत्साह लोगों में भरपूर देखा जा रहा है लेकिन केदारनाथ यात्रा से पहले उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में एक H3N8 इन्फ्लूएंजा वायरस का खतरा बताया जा रहा है। यह वायरस घोड़ों और खच्चर में पाया गया है, जो की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा इस्तेमाल कर जाते हैं। सरकार ने संक्रमण पर काबू पाने के लिए घोड़ा और खच्चरों को क्वॉरेंटाइन में रख दिया है।
उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा 30 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यात्रा से पहले ही सरकार द्वारा सारे खच्चरो और घोड़ो के साथ-साथ उनके मालिक की मेडिकल जांच और पंजीकरण कराया गया । जिसमें से 300 खच्चर और घोड़ों के सैंपल लिए गए। सैंपल के दौरान पता चला कि खच्चरों में इन्फ्लूएंजा वायरस पाया गया है। 300 खच्चर में से 12 खच्चर में ये वायरस की पुष्टि हुई है। वायरस का पता चलते ही सरकार ने संक्रमित खच्चरों को क्वारंटाइन में रख दिया।
वायरस की जानकारी मिलते ही सरकार ने कड़े कदम उठाए और नियम भी लागू करे।पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा, घोड़ों और खच्चरो में वायरस को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के कोई भी खच्चर और घोड़ा केदारनाथ यात्रा पर नहीं जाएगा। साथ ही खच्चरों और घोड़ों के मालिकों को भी इन्फ्लूएंजा टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा।
क्या है इन्फ्लूएंजा वायरस?
इन्फ्लूएंजा एक संक्रामक वायरल और इन्फेक्शन है। इसके अंदर व्यक्तियों को खांसी ,बुखार, गले में दर्द, जैसी निशानी पाई जाती है। आम तौर पर ये वायरस 65 वर्ष से अधिक बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटिक अस्थमा, हार्ट डिजीज वाले लोगों फैलने का खतरा ज्यादा होता है। इंफ्लूएंजा होने के बाद लोगों को निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत, हार्ट से संबंधित परेशानी हो सकती है।
कैसे बचे इस वायरस से?
यात्रा के दौरान इस वायरस की चपेट में ना आने के लिए, सबसे पहले फ्लू का वैक्सीन जरूर लगवाएं, समय समय पर हाथ धोते रहे और आस पास की साफ सफाई का भी ध्यान रखे, भीड़ वाले इलाके में मास्क का इस्तेमाल करे और सही मात्रा में पानी पीए।