देहरादून। तीन माह से लंबित वेतन के भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तराखंड में रोडवेज कर्मचारी शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल पर जा रहे हैं। इससे पहले गुरुवार को परिवहन निगम मुख्यालय में प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच हुई वार्ता विफल हो गई। प्रबंध निदेशक रीना जोशी की अध्यक्षता में करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार से प्रदेशभर में कर्मचारी कार्य-बहिष्कार करेंगे और बसों का संचालन ठप रखने का ऐलान किया गया है। इससे प्रदेश में रोडवेज बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
परिवहन निगम में लंबी दूरी और मैदानी मार्गों समेत करीब 70 प्रतिशत बसों का संचालन यूनियन के सदस्य कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। ऐसे में हड़ताल का सबसे अधिक असर लंबी दूरी के मार्गों पर पड़ सकता है। यात्रियों को बसों की कमी और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दीपावली के त्योहारी सीजन में प्रस्तावित हड़ताल से परिवहन निगम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, दिल्ली में पुरानी बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते निगम पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में बसों का चक्का जाम परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति और यात्री सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।