हरिद्वार: धार्मिक नगरी हरिद्वार की पावन धरती पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक ने अपने पिता को फोन कर कहा – “पापा, मैं हर की पौड़ी जान देने आया हूं।” बेटे की इस बात ने पिता के होश उड़ा दिए और उसने तुरंत हरिद्वार पुलिस को सूचना दी। समय रहते पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की जान बचा ली।
यह घटना 15 जुलाई की है, जब देहरादून निवासी नेहरू कॉलोनी के गौरव ने पारिवारिक तनाव के चलते हर की पौड़ी पहुंचा था। वहां पहुंचकर उसने अपने पिता को वीडियो कॉल किया और भावुक होते हुए बोला कि वह जीवन से निराश हो चुका है और अब उसे और कुछ नहीं चाहिए। युवक के पिता ने बिना देर किए पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क किया और बेटे की लोकेशन साझा की।
हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने तुरंत युवक की तलाश शुरू की और कुछ ही देर में उसे हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड के पास से सुरक्षित खोज लिया गया। युवक गहरे तनाव में था और आत्मघाती कदम उठाने की स्थिति में था।
पुलिस ने काउंसलिंग कर पीड़ित को परिजनों के हवाले किया
पुलिस ने तुरंत युवक को थाने लाकर काउंसलिंग करवाई और उसकी मानसिक स्थिति को समझते हुए उसे समझाया-बुझाया। बाद में युवक के परिजन हरिद्वार पहुंचे और उसे अपने साथ लेकर घर गए।
पुलिस ने जताई चिंता, अपील की मदद करने की
एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। हरि की पौड़ी के आसपास के इलाके में सघन तलाशी शुरू हुई। गंगा के किनारे, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ थी, पुलिस ने गौरव को खोज निकाला। समय रहते उसे सुरक्षित हिरासत में लिया गया और बाद में पिता को सौंप दिया गया।
हरिद्वार पुलिस ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि आजकल युवाओं में मानसिक दबाव और तनाव के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव में है, तो उसे अकेला न छोड़ें और समय रहते उसकी मदद करें। साथ ही किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 या 1098 पर संपर्क करें।