देहरादून: चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी कर रहे फर्जी साधुओं के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार के निर्देश पर चलाए गए ‘ऑपरेशन कलनेमि’ के तहत बीते तीन दिनों में राज्यभर से 82 नकली साधु पकड़े गए हैं।

यह अभियान हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, श्रीनगर और जोशीमठ जैसे तीर्थस्थलों और यात्रा मार्गों पर चलाया गया। पुलिस का कहना है कि ये लोग साधु के वेश में श्रद्धालुओं को बहला-फुसलाकर ठगने का काम कर रहे थे। इनमें से कई के पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं था, न ही किसी धार्मिक संस्था से मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए फर्जी साधु यात्रियों से ताबीज, पूजा-पाठ, दान, चमत्कारी उपाय और भविष्य बताने के नाम पर पैसे ऐंठ रहे थे। कुछ के पास नकली रुद्राक्ष, जड़ी-बूटियों और धार्मिक वस्तुओं के फर्जी सेट भी मिले।

पुलिस अधीक्षक (यातायात एवं तीर्थ सुरक्षा) अजय सिंह ने बताया कि यात्रा मार्गों और प्रमुख मंदिर क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस अब यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बिना वैध दस्तावेजों के साधु का वेश पहनकर श्रद्धालुओं से संपर्क न करे।
ऑपरेशन का नाम कलनेमि क्यों रखा गया
ऑपरेशन का नाम ‘कलनेमि’ रखने के पीछे भी एक खास कारण है। रामायण में कलनेमि नामक राक्षस हनुमान जी को साधु का वेश धारण कर धोखा देने का प्रयास करता है। पुलिस का कहना है कि यह नाम उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो धर्म की आड़ में अपराध करते हैं।
उत्तराखंड पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वह किसी भी संदिग्ध साधु की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहे और श्रद्धालु सुरक्षित रहें।