हरिद्वार: कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में स्थित कांवड़ मार्ग पर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से लगभग 14 दुकानों और दो धार्मिक स्थलों (एक मस्जिद व एक मजार) के आगे सफेद पर्दे लगवाए। हालांकि कुछ ही घंटों में स्थानीय विरोध के बाद ये पर्दे हटा लिए गए, जिससे यह कदम चर्चा में आ गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सिर्फ एहतियातन और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया था। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में धार्मिक या संवेदनशील स्थलों के प्रति किसी भी प्रकार की नकारात्मक प्रतिक्रिया से बचने के लिए यह अस्थायी व्यवस्था की गई थी।

प्रशासन की सफाई
प्रशासन के अनुसार, रेलवे पुलिस पोस्ट से सुझाव मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इससे कांवड़ियों की भीड़ में कोई तनाव या टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका ध्यान रखा गया था।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
हालांकि इस कदम पर स्थानीय व्यापारियों और धार्मिक संगठनों ने नाराजगी जताई। मस्जिद और मजार से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस फैसले की पूर्व सूचना नहीं दी गई।
पूर्व मंत्री नईम कुरैशी ने प्रशासन की कार्रवाई को हिंदू-मुस्लिम सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला बताया।
विरोध के बाद हरिद्वार के जिलाधिकारी और नगर निगम अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर सभी पर्दों को हटा दिया और स्थिति स्पष्ट की कि यह कोई धार्मिक भेदभाव का मामला नहीं है।
मंत्री का बयान
उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मीडिया से कहा, पर्दे लगाने का निर्णय कोई स्थायी नीति नहीं था, यह केवल शांति बनाए रखने का एक तरीका था। इसे विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए।