देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता संचालित हो रहे निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। रुद्रप्रयाग जिले में ऐसे 69 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन स्कूलों को 15 दिन के भीतर मान्यता लेने का अल्टीमेटम दिया गया है। तय समय में मान्यता नहीं लेने पर स्कूलों को बंद करने के साथ एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
शिक्षा विभाग को लंबे समय से राज्य में बिना मान्यता के निजी स्कूल चलने की शिकायतें मिल रही थीं। शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह ने बताया कि सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निजी स्कूलों की मान्यता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जांच में सामने आया है कि अधिकतर स्कूल प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्तर पर बिना नवीनीकरण के संचालित हो रहे हैं।
रुद्रप्रयाग के मुख्य शिक्षा अधिकारी पी.के. बिष्ट द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जिले में 69 स्कूलों को नोटिस भेजे गए हैं और उन्हें तत्काल संचालन बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिक्षा महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि यदि 15 दिनों के भीतर मान्यता संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती, तो आरटीई अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें संबंधित स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय करते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से प्रदेशभर में बिना मान्यता संचालित स्कूलों में हड़कंप मच गया है।