देहरादून : सोमेश्वर विधानसभा के दौलाघट क्षेत्र में आयोजित माताओं-बहनों और बुजुर्गों के स्वागत समारोह में दिए गए बयान को लेकर उठे विवाद पर अब संबंधित मंत्री ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल के आमंत्रण पर वे इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे और अपने संबोधन के दौरान कही गई बातों को विपक्ष द्वारा जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि वे सोमेश्वर विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की बेटियों को देवी के समान सम्मान देते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि वे बरेली में प्रतिवर्ष श्रीरामलीला के दौरान 101 निर्धन बेटियों का विवाह कराते हैं। उनके अनुसार, देश की समस्त बहन-बेटियां उनके लिए समान हैं और उनके प्रति किसी भी प्रकार की अपमानजनक सोच रखने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश कर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। साथ ही कहा कि यदि उनके किसी कथन से किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं या किसी को बुरा लगा है, तो वे हाथ जोड़कर सभी से क्षमा मांगते हैं। मंत्री ने दोहराया कि उनका उद्देश्य कभी भी किसी समाज, राज्य या महिलाओं का अपमान करना नहीं रहा है।