देहरादून: देहरादून शहर में अवैध फड़ और ठेलियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम एक बार फिर सख्त हो गया है। नगर आयुक्त नमामि बंसल के निर्देश पर निगम टीम ने शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में कार्रवाई की। इस दौरान जहां भी अवैध रूप से लगी फड़ या ठेली मिली, उसे कब्जे में लिया गया और जुर्माना भी लगाया गया।
शहर में करीब पाँच हजार से ज्यादा फड़-ठेलियाँ लगती हैं, जिनमें से बड़ी संख्या बिना अनुमति के सड़क और फुटपाथ पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे आम लोगों को चलने में दिक्कत होती है।
टीम के जाते ही फिर कब्जा कर लेते हैं फुटपाथ
स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम टीम जैसे ही किसी क्षेत्र से हटती है, कुछ देर बाद फड़-ठेली लगाने वाले फिर से फुटपाथ पर कब्जा जमा लेते हैं। न उन्हें प्रशासन का डर है और न ही वे कोर्ट के आदेश का पालन करते हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में ये अवैध ठेलियाँ खुले तौर पर लग जाती हैं और कार्रवाई के बावजूद हटती क्यों नहीं।
साठगांठ का आरोप, हर महीने वसूली की बात सामने
शहर में अवैध फड़-ठेलियों की बढ़ती संख्या को लेकर यह भी आरोप लग रहे हैं कि कई कर्मचारी और अधिकारी इस सेटिंग में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार ठेली लगाने वालों से हर महीने तय रकम वसूली जाती है, जिसके बदले उन्हें कार्रवाई से राहत मिलती है। यही वजह है कि निगम समय-समय पर केवल छोटी-मोटी कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी दिखा देता है, लेकिन हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता।
गांधी पार्क, परेड मैदान और घंटाघर सबसे प्रभावित
नगर निगम क्षेत्र में गांधी पार्क, परेड मैदान, घंटाघर, चकराता रोड समेत कई जगहों पर बड़ी संख्या में अवैध फड़-ठेलियाँ लगती हैं। इनकी वजह से यहां अकसर जाम की स्थिति बन जाती है। लोगों को न सिर्फ पैदल चलने में परेशानी होती है, बल्कि ट्रैफिक भी प्रभावित होता है।

अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए निगम ने पुलिस टीम के साथ मिलकर शनिवार को कार्रवाई करी और आगे भी ये कार्रवाई जारी रहेगी।