महिसागर: गुजरात के महिसागर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। माता रानी के नाम पर आयोजित गरबा कार्यक्रम में एक दलित समाज की छात्रा के साथ अभद्रता की गई और उसे पंडाल में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया। आरोप है कि इस दौरान छात्रा को जातिवादी गालियां भी दी गईं।
क्या है मामला
यह घटना महिसागर जिले के वीरपुर तालुका की है। पीड़िता रिंकू वानकर, जो गांधीनगर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज की चौथे वर्ष की छात्रा है, अपनी एक दोस्त के साथ गरबा कार्यक्रम में गई थी। वहीं मौजूद तीन महिलाओं—लोमा पटेल, रोशनी पटेल और वृष्टि पटेल ने उसे रोक दिया और कथित तौर पर जातिवादी टिप्पणी करते हुए अपमानित किया।
पीड़िता का कहना है कि तीनों महिलाओं ने उसके बाल पकड़कर खींचा और जबरन पंडाल से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने वहां मौजूद लोगों को इस घटना का वीडियो बनाने से भी रोक दिया। पीड़िता के अनुसार, महिलाओं ने कहा कि “ये लोग हमारे बराबर के नहीं हैं और हमारे साथ गरबा नहीं खेल सकते हैं।”
पुलिस में शिकायत
घटना के बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस की कार्रवाई
महिसागर के पुलिस अधीक्षक सफ़िन हसन ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद तुरंत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “पीड़िता और आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”